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Forex trading kya hai, और India में यह legal है या नहीं?

फॉरेक्स ट्रेडिंग यानी करेंसी को खरीदना-बेचना ताकि भाव बदलने पर मुनाफा हो। भारत में यह legal है, पर सिर्फ एक तरीके से: भारतीय एक्सचेंज (NSE, BSE, MSE) पर, SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर के जरिए। विदेशी ऑनलाइन ब्रोकर या ऐप पर फॉरेक्स, गोल्ड या CFD ट्रेड करना भारत के निवासियों के लिए allowed नहीं है। इस गाइड में RBI के असली नियम, legal तरीका, टैक्स और स्कैम पहचानने के तरीके हैं।

लेखक: M. A. Horaira. अपडेट: 1 अक्टूबर 2026. पढ़ने में 12 मिनट।

फॉरेक्स ट्रेडिंग क्या है?

फॉरेक्स (foreign exchange) दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जहाँ एक करेंसी के बदले दूसरी करेंसी खरीदी-बेची जाती है। करेंसी हमेशा जोड़ी (पेयर) में ट्रेड होती है, जैसे EURUSD यानी 1 यूरो कितने डॉलर का है। अगर आपको लगता है कि यूरो मज़बूत होगा तो आप EURUSD खरीदते हैं, और भाव बढ़ने पर मुनाफा होता है। भाव में छोटे बदलाव को पिप में नापते हैं; पिप क्या है (अंग्रेज़ी में) इसे विस्तार से समझाता है।

असली सवाल यह है कि भारत में रहकर आप यह ट्रेडिंग कहाँ और कैसे कर सकते हैं। यहीं ज़्यादातर लोग गलती करते हैं।

छोटा जवाब

RBI असल में क्या कहता है

भारत में फॉरेक्स का कानून FEMA (Foreign Exchange Management Act, 1999) है और इसे RBI लागू करता है। RBI की 3 फरवरी 2022 की प्रेस रिलीज़ के अनुसार भारत के निवासी फॉरेक्स के सौदे सिर्फ authorised persons के साथ और permitted purposes के लिए कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिर्फ RBI से authorised प्लेटफॉर्म या मान्यता प्राप्त एक्सचेंज (NSE, BSE और MSE) पर हो सकती है।

इसी रिलीज़ में साफ लिखा है कि विदेशी एक्सचेंज या विदेशी काउंटरपार्टी को मार्जिन के लिए पैसा भेजना Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत allowed नहीं है। LRS में हर वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च) में 2,50,000 डॉलर तक विदेश भेज सकते हैं, पर सिर्फ allowed कामों के लिए, और ट्रेडिंग अकाउंट में मार्जिन डालना उनमें नहीं है।

RBI के शब्दों में, बिना authorisation वाले प्लेटफॉर्म से सौदा करने वाले निवासियों पर FEMA के तहत दंडात्मक कार्रवाई (penal action) हो सकती है। FEMA की धारा 13 में पेनल्टी शामिल रकम के तीन गुना तक हो सकती है।

RBI की Alert List

सितंबर 2022 से RBI एक Alert List जारी करता है, जिसमें वे नाम हैं जिन्हें भारत में फॉरेक्स डील करने या फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म चलाने की अनुमति नहीं है।

RBI की Alert List
तारीखक्या हुआलिस्ट में नाम
7 सितंबर 2022पहली लिस्ट34
फरवरी 2023अपडेट48
7 जून 2023अपडेट56
24 नवंबर 2023अपडेट75
22 अक्टूबर 2024अपडेट88
19 नवंबर 2025सबसे नया अपडेट95

सबसे नई लिस्ट में Exness, OctaFX, XM, FBS, IC Markets, Pepperstone, Vantage, Tickmill, FXTM, AvaTrade, eToro, IG, FXCM, Forex.com और Alpari जैसे जाने-माने ब्रोकर, IQ Option, Olymp Trade, Binomo, Quotex और Pocket Option जैसे ऐप, और तीन जानी-मानी प्रॉप फर्म, FTMO, FundedNext और Smart Prop Trader, शामिल हैं। MetaTrader 4 और MetaTrader 5 के नाम भी लिस्ट में हैं।

विदेशी ब्रोकर वाला रास्ता कहाँ बिगड़ता है

Legal तरीका: NSE पर करेंसी ट्रेडिंग

NSE, BSE और MSE पर करेंसी फ्यूचर्स और ऑप्शंस लिस्टेड हैं, पर ट्रेडिंग ज़्यादातर NSE पर होती है। Business Standard के अनुसार BSE पर जनवरी 2025 से करेंसी डेरिवेटिव्स में टर्नओवर ज़ीरो रहा है। किसी भी ऐसे SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर के साथ, जो करेंसी सेगमेंट देता हो, सेगमेंट चालू करके ट्रेड कर सकते हैं।

NSE करेंसी फ्यूचर्स, 25 सितंबर 2026 के ECB रेट पर
पेयर1 लॉट1 लॉट की वैल्यून्यूनतम मार्जिन (लगभग)समय (IST)
USDINR1,000 डॉलरलगभग ₹95,820लगभग ₹1,916सुबह 9:00 – शाम 5:00
EURINR1,000 यूरोलगभग ₹1,09,264लगभग ₹2,513सुबह 9:00 – शाम 5:00
GBPINR1,000 पाउंडलगभग ₹1,26,985लगभग ₹3,175सुबह 9:00 – शाम 5:00
JPYINR1,00,000 येन (भाव 100 येन पर)लगभग ₹60,803लगभग ₹1,824सुबह 9:00 – शाम 5:00
EURUSD1,000 यूरोलगभग ₹1,09,264लगभग ₹3,278सुबह 9:00 – शाम 7:30
GBPUSD1,000 पाउंडलगभग ₹1,26,985लगभग ₹3,810सुबह 9:00 – शाम 7:30
USDJPY1,000 डॉलरलगभग ₹95,820लगभग ₹2,875सुबह 9:00 – शाम 7:30

मार्जिन NSE Clearing तय करता है। ऊपर की टेबल में न्यूनतम मार्जिन मोटा अंदाज़ा है; ब्रोकर अक्सर इससे ज़्यादा मांगते हैं। 2% मार्जिन का मतलब भी कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू पर 50 गुना तक लेवरेज है, इसलिए लॉट साइज हमेशा स्टॉप लॉस से तय करें।

रुपये वाले पेयर हेजिंग के लिए, EURUSD पर शर्त नहीं

3 मई 2024 से RBI के नियम के अनुसार रुपये वाले करेंसी कॉन्ट्रैक्ट असली एक्सपोजर को हेज करने के लिए हैं। सभी रुपये वाले पेयर और सभी एक्सचेंज मिलाकर 100 मिलियन डॉलर तक की पोज़िशन के लिए कागज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं, पर एक्सपोजर होना चाहिए और मांगने पर साबित करना होगा; ब्रोकर इसका डिक्लेरेशन लेते हैं। जिस नौकरीपेशा व्यक्ति की कोई विदेशी करेंसी आय या पेमेंट नहीं है, उसके लिए USDINR सट्टे का साधन नहीं है।

जिन कॉन्ट्रैक्ट में रुपया नहीं है, उन पर RBI ने मकसद की कोई शर्त नहीं रखी। इसलिए NSE पर EURUSD, GBPUSD और USDJPY ही बड़े पेयर ट्रेड करने का legal तरीका है। 2024 के बाद वॉल्यूम बहुत कम हुआ है, इसलिए ट्रेड से पहले ओपन इंटरेस्ट और बिड-आस्क स्प्रेड ज़रूर देखें।

गोल्ड का क्या?

विदेशी ब्रोकर पर XAUUSD एक CFD है, इसलिए उस पर भी वही नियम लागू हैं। भारत से गोल्ड ट्रेड करने के legal तरीके हैं MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स और ऑप्शंस, NSE और BSE पर गोल्ड ETF, और फिज़िकल गोल्ड या गोल्ड फंड। गोल्ड लाइव चार्ट पेज बताता है कि MCX का भाव XAUUSD से अलग क्यों होता है।

प्रॉप फर्म और भारतीय ट्रेडर

प्रॉप फर्म ट्रेडिंग के लिए डिपॉज़िट नहीं लेतीं, बल्कि इवैल्युएशन अकाउंट बेचती हैं, और किसी भारतीय अथॉरिटी ने इन पर अलग से कुछ नहीं कहा है। लेकिन RBI ने FTMO, FundedNext और Smart Prop Trader को Alert List में डाला है। FundedNext ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उसका नाम गलती से डाला गया क्योंकि भारत में उसका कोई काम नहीं है, पर लिस्ट नहीं बदली।

लिस्ट वाली फर्म को चैलेंज फीस देना legal है या नहीं, इसका कोई फैसला नहीं हुआ है। RBI की आम चेतावनी है कि बिना authorisation वाले सौदों के लिए पैसा न भेजें, इसलिए सावधानी यही है कि लिस्ट वाली फर्म को पैसे न दें। प्रॉप फर्म चैलेंज कैसे पास करें में नियमों की पूरी जानकारी है।

टैक्स कैसे लगता है

भारतीय एक्सचेंज पर करेंसी फ्यूचर्स और ऑप्शंस का मुनाफा आमतौर पर non-speculative बिज़नेस इनकम माना जाता है।

नई टैक्स व्यवस्था: FY 2025-26 और टैक्स ईयर 2026-27
कुल आयटैक्स रेट
₹4,00,000 तकशून्य
₹4,00,001 – ₹8,00,0005%
₹8,00,001 – ₹12,00,00010%
₹12,00,001 – ₹16,00,00015%
₹16,00,001 – ₹20,00,00020%
₹20,00,001 – ₹24,00,00025%
₹24,00,000 से ऊपर30%

नई व्यवस्था में रिबेट से ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं बनता, और करेंसी F&O की बिज़नेस इनकम पर भी यह रिबेट मिल सकता है।

फॉरेक्स स्कैम के संकेत

Legal तरीके से शुरुआत कैसे करें

  1. किसी SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर के साथ अकाउंट खोलें जो करेंसी डेरिवेटिव देता हो, या अपने ब्रोकर से करेंसी सेगमेंट चालू करवाएं।
  2. अगर हेज करने के लिए कोई करेंसी एक्सपोजर नहीं है, तो EURUSD, GBPUSD और USDJPY वाले कॉन्ट्रैक्ट चुनें।
  3. पहले ऑर्डर से पहले लॉट साइज, एक्सपायरी, ओपन इंटरेस्ट और स्प्रेड देखें।
  4. हर ट्रेड का साइज स्टॉप लॉस और तय रिस्क से निकालें। NSE का 1 EURUSD लॉट 0.01 स्टैंडर्ड लॉट के बराबर है, इसलिए कैलकुलेटर में 0.03 लॉट का मतलब NSE के 3 लॉट। लॉट साइज कैसे निकालें देखें।
  5. हर ट्रेड और खर्च का रिकॉर्ड रखें, ITR-3 में काम आएगा।

यह गाइड आम जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। नियम 1 अक्टूबर 2026 को RBI, NSE और आयकर विभाग के स्रोतों से जांचे गए। पूरी जानकारी अंग्रेज़ी में: Forex trading in India।

जल्दी जवाब

क्या भारत में फॉरेक्स ट्रेडिंग legal है?

हाँ, NSE, BSE और MSE पर करेंसी फ्यूचर्स और ऑप्शंस SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर के जरिए। विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फॉरेक्स या CFD ट्रेडिंग FEMA के तहत allowed नहीं है, और LRS से मार्जिन विदेश भेजना भी मना है।

क्या Exness, OctaFX या XM पर ट्रेड करना legal है?

नहीं। ये विदेशी प्लेटफॉर्म हैं और RBI की Alert List में तीनों के नाम हैं।

क्या भारत में EURUSD legal तरीके से ट्रेड कर सकते हैं?

हाँ। NSE पर EURUSD, GBPUSD और USDJPY के फ्यूचर्स और ऑप्शंस हैं, और RBI इन्हें बिना किसी मकसद की शर्त के allow करता है। 1 लॉट 1,000 यूरो का होता है और सेटलमेंट रुपये में होता है।

क्या USDINR में मुनाफे के लिए ट्रेड कर सकते हैं?

मई 2024 से RBI के नियम के अनुसार रुपये वाले करेंसी कॉन्ट्रैक्ट असली करेंसी एक्सपोजर को हेज करने के लिए हैं। 100 मिलियन डॉलर तक कागज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं, पर एक्सपोजर होना ज़रूरी है।

क्या FTMO भारत में legal है?

FTMO, FundedNext और Smart Prop Trader RBI की Alert List में हैं। प्रॉप फर्म की चैलेंज फीस पर किसी अथॉरिटी ने अलग से फैसला नहीं दिया है, इसलिए सावधानी यही है कि लिस्ट वाली फर्म को पैसे न दें।

फॉरेक्स के मुनाफे पर टैक्स कैसे लगता है?

भारतीय एक्सचेंज पर करेंसी F&O का मुनाफा आमतौर पर non-speculative बिज़नेस इनकम माना जाता है। ITR-3 भरें, टैक्स आपके स्लैब रेट और 4% सेस पर लगेगा। समय पर रिटर्न भरें तो लॉस 8 साल तक आगे ले जा सकते हैं।

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